*राम जन्मोत्सव की उमंग के बीच कथा वाचक पंडित बालकृष्ण नागर ने दिए श्री राम कथा महोत्सव में सुखी गृहस्थ जीवन जीने के महत्वपूर्ण सूत्र।
बाग/कुक्षी*। बेटी के बिना बाप का जीवन अधुरा होता है।जिस तरह आंगन की शौभा तुलसी होती है,उसी तरह घर की शोभा बेटी होती है। कथा सुनने जाओ तो कथा सुनो,कथा ही आपका जीवन सफल बनाएगी। कथा स्थल पर लगे झूले चकरी देखने से आपका जीवन सफल नही होगा। उक्त प्रेरक वचन श्री पाडल्या झिरीवाले वाले हनुमान जी मंदिर समिति द्वारा आयोजित नौ दिवसीय श्री राम कथा महोत्सव के तीसरे दिन कथा वाचक पंडित बालकृष्ण नागर खेड़ा पीपलोदी रतलाम ने अपने मुखारविंद से खचाखच भरे पाण्डाल में श्रोताओं के बीच कहे। कथा के दौरान श्री राम जन्म के पावन प्रसंग को सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। कथा के दौरान गुरुदेव ने जहां प्रभु के बाल स्वरूप का वर्णन किया,वहीं महिलाओं के लिए वैवाहिक जीवन से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण मर्यादाओं का भी बोध कराया। मातृशक्ति को संबोधित करते हुए एक विशेष मर्यादा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में मायके से मिली कुछ वस्तुओं का आध्यात्मिक और सौभाग्य की दृष्टि से विशेष महत्व होता है। प्रत्येक विवाहित महिला को अपने मायके से प्राप्त इन 5 प्रमुख वस्तुओं मंगलसूत्र,चुनरी,
कुमकुम (सिंदूर),बिछिया,हाथों का चूड़ा कभी भी अन्य किसी को नहीं देना चाहिए।
कथा के दौरान गुरुदेव ने जोर देकर कहा कि जीवन में मर्यादा का पालन अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति मर्यादा में रहकर अपने धर्म और कर्तव्यों का पालन करता है,उसके हर कार्य प्रभु श्री राम की कृपा से स्वतः ही सिद्ध हो जाते हैं।मर्यादा पुरुषोत्तम का जीवन ही हमें संयम और संस्कारों की सीख देता है।
कथा के तृतीय सोपान में जैसे ही गुरुदेव ने भगवान श्री राम के प्राकट्य का प्रसंग सुनाया,पूरा परिसर ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ और ‘भये प्रगट कृपाला’ के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने नाचते-गाते हुए बड़े ही हर्षोल्लास के साथ राम जन्मोत्सव मनाया। फूलों की वर्षा और बधाई गीतों के बीच भक्तों ने प्रभु की आरती उतारी।
जिसमें बड़ी संख्या में विभिन्न क्षेत्रो के श्रद्धालु सम्मिलित हुए। श्रद्धालुओं का कहना है कि राम कथा के इन प्रसंगों ने न केवल भक्ति भाव जगाया है, बल्कि व्यावहारिक जीवन जीने की नई दिशा भी दिखाई है।कथा प्रारम्भ से पूर्व मुख्य यजमान कृष्णकान्त वरदीचन्द झंवर बाग एवं सहायक यजमान राधेश्याम बर्फा कोटवाल कापसी वाले ने व्यास पीठ का पूजन कर गुरुजी का स्वागत किया। आज की प्रसादी व चाय नाश्ता के लाभार्थी श्री अखिलेश बालकृष्णजी परिवार (भगवती बस) बाग रहै एवं आज की भोजन प्रसादी के लाभार्थी श्री लक्ष्य केनेडी गुप्ता परिवार कुक्षी रहा।
फ़ास्ट न्यूज़ जनता की आवाज़ कुक्षी, से सज्जाद खान की रिपोर्ट 




