February 9, 2026 |
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खान पान, शारीरिक श्रम और दिनचर्या का हमारे स्वास्थ्य से गहरा नाता है — डॉ.आहूजा

फ़ास्ट न्यूज़ जनता की आवाज़ प्रधान संपादक सज्जाद खान

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खान पान, शारीरिक श्रम और दिनचर्या का हमारे स्वास्थ्य से गहरा नाता है — डॉ.आहूजा

संयमित खान पान और नियमित व्यायाम से हम कई खतरों से बच सकते है — डॉ. अलावा

डॉक्टर्स एसोसिएशन कुक्षी द्वारा डॉ. आनन्द आहुजा और डॉ. हीरालाल अलावा का सम्मान

कुक्षी (नि प्र) डॉक्टर्स एसोसिएशन कुक्षी द्वारा गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। सम्मान समारोह में रिदम हार्ट इंस्टीट्यूट गुजरात, राजस्थान के एम डी कार्डियोलॉजी डॉ. आनंद आहुजा एवं एम डी मेडिसिन गठिया रोग विशेषज्ञ, पूर्व सहायक प्रोफेसर एम्स नई दिल्ली, वर्तमान में विधायक मनावर डॉ. हीरालाल अलावा का अभिनन्दन पत्र , मोमेंटो और तुलसी का पौधा भेट कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर डॉ हीरालाल अलावा की धर्मपत्नी श्रीमती आकृति ध्रुव का सिविल जज के लिए चयन होने पर उनका भी सम्मान किया गया। अभिनन्दन पत्र का वाचन डॉक्टर एसोसिएशन कुक्षी के अध्यक्ष डॉ निर्मल कुमार पाटीदार ने किया।

डॉ. आनन्द आहुजा डॉ. हीरालाल अलावा, जैन रत्न एवं वरिष्ठ अभिभाषक मनोहर लाल जी पुराणिक तथा भारतीय पत्रकार संघ के राष्ट्रीय मुख्य महासचिव पं. मनोहर मंडलोई डॉ ओमप्रकाश गुप्ता कार्यक्रम के अतिथि थे। अतिथियों द्वारा मां सरस्वती एवं भगवान धनवंतरी का पुजन दिप प्रजलित कर समारोह का शुभारंभ हुआ। स्वागत उद्बोधन एवं अतिथि परिचय डॉ. राकेश गुप्ता ने दिया। कार्यक्रम को श्री पुराणिक एवं श्री मंडलोई ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम में उपस्थित चिकित्सकों एवं प्रबुद्धजनों को संबोधित करते हुए डॉ. आनंद आहुजा ने कहा कि मोटापा (ओवर वैट)आमतौर पर हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर और शुगर का खतरा बढ़ाता है। डॉ.आहुजा ने छोटी छोटी कहानियों के माध्यम से हार्ट के खतरों, हाय बी पी, कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज क्यों और कैसे होते है, इनके लक्षण इनसे होने वाले खतरों से बचने के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हमारा स्वास्थ्य हमारे खान पान, हमारी दिनचर्या ओर शारीरिक श्रम पर काफी कुछ निर्भर करता है। उन्होंने हृदय रोग पर महत्वपूर्ण और विशेष चर्चा की।
डॉ. हीरालाल अलावा संबोधित करते हुए कहा कि आज कल यंग एज(युवा अवस्था)
में भी हार्ट अटैक और ब्रेन अटैक के खतरे ज्यादा बड गए है ।संयमित खान पान और रेगूलर व्यायाम से इन खतरों से बचा जा सकता है। आज के दौर में फसलों में खतरनाक केमिकल के जादा स्तेमाल से और बढ़ते प्रदूषण के कारण कैंसर जैसी घातक बीमारिया और ऑटोइम्युन बीमारियां जैसे गठिया रोग के मरीजों की संख्या भी दिनों दिन बढ़ती जा रही है। इसलिए हम सभी की जिम्मेदारी है हमे जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ साथ ज्यादा से ज्यादा वृषारोपण के माध्यम से पर्यावरण प्रदूषण को कम करने की दिशा में काम करना होगा इस अवसर पर क्षेत्र के सभी वरिष्ट चिकित्सक उपस्थित थे कार्यक्रम का संचालन भुपेन्द्र वर्मा और अन्त में आभार डॉ मनोज पाटीदार ने व्यक्त किया


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