February 8, 2026 |
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धामनोद नगर परिषद में भ्रष्टाचार की खुल रही परते….आचार संहिता में भी हुए थे फर्जी भुगतान।*

फ़ास्ट न्यूज़ जनता की आवाज़ संपादक सज्जाद खान

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*धामनोद नगर परिषद में भ्रष्टाचार की खुल रही परते….आचार संहिता में भी हुए थे फर्जी भुगतान।*

नई अध्यक्ष सीमा विष्णु पाटीदार के कार्यकाल में भी पूर्व अध्यक्ष दिनेश शर्मा का जारी रहा भ्रष्टाचार।*

*73 दिनों में ही दो एफआईआर के बाद अब तीसरी एफआईआर: धामनोद में भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी।*

*विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त कार्यालय इंदौर ने, एक बार फिर भ्रष्टाचार की शिकायत पर,तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी माया मंडलोई एवं तत्कालीन अध्यक्ष दिनेश शर्मा के खिलाफ एफआईआर की दर्ज।*

पूर्व अध्यक्ष दिनेश शर्मा के फर्जी हस्ताक्षरों से निकाली गई थी लाखो की शासकीय राशि।

धार /धामनोद नगर परिषद में, एक चौंकाने वाला भ्रष्टाचार एक बार फिर सामने आया है, जिसमें आचार संहिता के दौरान व उसके बाद भी नियमों की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाई गईं। विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त कार्यालय, इंदौर द्वारा की गई जांच में यह पाया कि , तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी (C.M.O.) माया मण्डलोई ने , पद पर न रहते हुए पूर्व अध्यक्ष दिनेश शर्मा से फर्जी तरीके से हस्ताक्षर करवाकर , 323775 रुपये की शासकीय राशि आहरित करवाई।

राज्य निर्वाचन आयोग ने 28 दिसंबर 2022 को नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी की थी, और आचार संहिता लागू हो गई थी। चुनाव उपरांत 11 फरवरी 2023 को सीमा विष्णु पाटीदार , धामनोद नगर परिषद की नई अध्यक्ष निर्वाचित हुईं व उन्होंने 13 फरवरी 2023 को पदभार संभाला। इसके बावजूद, मार्च 2023 तक के बिल-वाउचरों पर पूर्व अध्यक्ष दिनेश शर्मा के हस्ताक्षर किए गए और राशि का भुगतान किया गया।

*धोखाधड़ी कैसे हुई?*
नगर परिषद द्वारा, संबंधित बैंक को 22 फरवरी 2023 को ही सूचित कर दिया गया था कि, ₹50,000 से अधिक के सभी भुगतान अब सिर्फ C.M.O. माया मंडलोई और नई अध्यक्ष सीमा विष्णु पाटीदार के संयुक्त हस्ताक्षर से होंगे। लेकिन इसके बाद भी ऐसे सात वाउचरों पर भुगतान किया गया जिन पर नई अध्यक्ष सीमा विष्णु पाटीदार नहीं, बल्कि पुराने अध्यक्ष दिनेश शर्मा के हस्ताक्षर थे। यह सीधे तौर पर , वित्तीय अनियमितता और पद के दुरुपयोग का मामला बना।

*क्या-क्या खरीदा गया?*
इन फर्जी भुगतान वाउचरों में शामिल कार्यों में विद्युत सामग्री की खरीदी, मुरूम डालने का कार्य, जेसीबी किराया और फ्लेक्स-बैनर छपाई शामिल हैं। बिलों की कुल राशि ₹3,23,775 बताई गई है।

*कानूनी कार्रवाई की दिशा में बढ़ता कदम:*
विशेष पुलिस स्थापना,लोकायुक्त संगठन ने जांच में पाया कि, तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी माया मण्डलोई एवं तत्कालीन अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने संगठित तरीके से षड्यंत्रपूर्वक यह कार्य किया। इस कृत्य को भ्रष्टाचार निवारण(संशोधन) अधिनियम 2018 की धाराएं 7(ग), 13(1)(a), 13(2), 12 और भारतीय दंड संहिता की धाराएं 409, 120- B के अंतर्गत, दंडनीय पाए जाने से अपराध पंजीबद्ध कर , विवेचना में लिया।

*73 दिन पहले भी हुई थी दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज-*
विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त कार्यालय इंदौर ने, भ्रष्टाचार की शिकायत के संबंध में, 5 फरवरी 2025 को दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की थी । इसमें एक रिपोर्ट में नगर परिषद धामनोद की तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी माया मंडलोई और तत्कालीन अध्यक्ष दिनेश शर्मा सहित नारायण पिता सुख्या निवासी संजय नगर , महेश्वर रोड़, धामनोद के खिलाफ प्रकरण दर्ज करते हुए मामला जांच में लिया गया था। जबकि दूसरी एफआईआर में, तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी माया मंडलोई और मोहम्मद अनीस पिता मोहम्मद यूनुस खत्री, संजय नगर, महेश्वर रोड़ धामनोद के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं 7 (ग), 13(1) (a), 13(2), 12 तथा भारतीय दण्ड संहिता की धारा-409, 120-B के तहत, प्रकरण दर्ज करते हुए मामला जांच में लिया गया था।

*73 दिन पहले, दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज में,फर्जी भुगतान की कहानी:*
जांच में यह सामने आया था कि, एक व्यक्ति मोहम्मद अनीस खत्री, जिसने कभी नगर परिषद को कोई टेंट सामग्री नहीं दी थी, उसके बैंक खाते में 87,300 रुपये का भुगतान किया गया। मोहम्मद अनीस ने खुद स्वीकार किया कि उसका कोई टेंट हाउस नहीं है और न ही उसने कभी ऐसी कोई सेवा दी। स्थानीय पार्षदों और निवासियों ने भी इस बात की पुष्टि की।

वही , नारायण वर्मा, एक किराना दुकानदार, जिनके पास ना तो जेसीबी है, न ट्रैक्टर ट्राली, उन्हें भी 28 जून 2022 से 15 मई 2024 के बीच 7,67,300 रुपये का भुगतान किया गया। जांच में सामने आया कि यह भुगतान भी पूरी तरह फर्जी था।

*एक संगठित साजिश:*
इस पूरे प्रकरण की परतें जब खुलीं तो पता चला कि, यह कोई अकेली हरकत नहीं थी। यह एक संगठित षड्यंत्र था, जिसमें तत्कालीन सीएमओ माया मंडलोई और तत्कालीन अध्यक्ष दिनेश शर्मा की मिलीभगत से नगर परिषद का खजाना लूटा गया।

फ़ास्ट न्यूज़ जनता की आवाज़ प्रधान संपादक सज्जाद खान,


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