चार पति पत्नी को न्यायालय से विदा किया, करीब 180 प्रकरणो का निराकरण हुवा
फ़ास्ट न्यूज़ जनता की आवास प्रधान संपादक सज्जाद खान

चार पति पत्नी को न्यायालय से विदा किया, करीब 180 प्रकरणो का निराकरण हुवा।


माननीय राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण उच्च न्यायालय जबलपुर के निर्देशानुसार दिनांक 13.12.2025 को आयोजित की जा रही नेशनल लोक अदालत के संबंध में माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण धार, श्री संजीव अग्रवाल के संरक्षण में वर्ष की अंतिम लोक अदालत का आयोजन दिनांक 13.12.2025 को किया गया। आयोजन का शुभारंभ डॉ. श्रीमती आरती शुक्ला पाण्डेय, प्रथम जिला एवं अति. सत्र न्यायाधीश के द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन व माल्यार्पण किया गया। नेशनल लोक अदालत हेतु 4 खण्डपीठों का गठन किया गया जिसमें डॉ. श्रीमती आरती शुक्ला पाण्डेय, प्रथम जिला एवं अति. सत्र न्यायाधीश, श्री अम्बुज पाण्डेय, द्वितीय जिला एवं अति. सत्र न्यायाधीश, श्री सचिन कुमार जाधव, जेएमएफसी, श्री हर्ष राज दुबे, जेएमएफसी तथा सदस्य अधिवक्तागण उपस्थित हुये। नेशनल लोक अदालत के समक्ष लगभग 500 प्रकरणों को रखा गया था। जिसमें कुल लगभग 180 प्रकरणों का निराकरण हुआ। जिसमें डॉ. श्रीमती आरती शुक्ला पाण्डेय, के न्यायालय में 21 मोटर दुर्घटना दावा के प्रकरण, श्री अम्बुज पाण्डेय के न्यायालय में विद्युत के लगभग 55 से अधिक प्रकरण का निराकरण हुआ। श्री सचिन कुमार जाधव के न्यायालय में 24 प्रकरण का निराकरण हुआ। इसी प्रकार श्री हर्ष राज दुबे के न्यायालय में कुल 67 प्रकरणों का निराकरण हुआ तथा उक्त प्रकरणों में लगभग 1,60,00,000/- एक करोड़ 60 लाख रूपये से अधिक राशि का सेटलमेंट हुआ। विद्युत के प्रकरणों में लगभग 15,00,000/- दस लाख रूपये की रिकवरी हुई तथा समस्त बैंको, नगर परिषद, राजस्व के भी कई प्रकरणों का निराकरण हुआ है। डॉ. श्रीमती आरती शुक्ला पाण्डेय, श्री सचिन जाधव एवं हर्ष राज दुबे के न्यायालय में पति-पत्नी के विवाद से लंबित प्रकरणों का उन्हें समझाईश देकर न्यायालय से उन्हें विदा किया। इस प्रकार 03 पती-पत्नी जोड़ो को न्यालय से विदा किया। श्री हर्ष राज दुबे के न्यायालय में परिवादी शांति अवस्या निवासी पड़ियाल ने अनावेदक पति राजेश अवास्या निवासी बड़वानी के विरूद्ध धारा 144 बी.एन.एस.एस. का भरण-पोषण प्रकरण पेश किया था। दोनों का विवाह सन् 2007 में हुआ था और उनसे दो लड़के भी उत्पन्न हुए थे किंतु आपसी मतभेदों के चलते दोनों ही अलग-अलग रह रहे थे। न्यायालय के द्वारा दोनों को ही समझाया गया। पविरादी अधिवक्ता श्री देवेश पाटीदार एवं अनावेदक अधिवक्ता श्री दिलीप सोलंकी ने भी दोनों को समझाया जिससे दोनों पती-पत्नी एक साथ रहने के लिए तैयार हो गये और आपसी विवाद का निराकरण समझौते के आधार पर हो गया। उक्त कार्यक्रम में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री दिनेशचंद्र पाटीदार अपनी कार्यकरणी सहित उपस्थित हुये। शासकीय अधिवक्ता श्री राजेन्द्र गुप्ता ने व्यक्त किया कि आपसी सहयोग व समझौते से प्रकरणों का निराकरण त्वरित गति से किया जा सकता है। लोक अदालत में न्यायालय के अधिवक्तागण श्री राजप्रकाश पहाडिया, अतुल जैन, योगेश भावसार, भूपेन्द्र रेवाल, महेश राठौड़, माया राठौड़, मोनिका जैन,दिलीप वर्मा, प्रभू मण्डलोई, संजय त्रिवेदी, राजेन्द्र पाटीदार, आकाश राठौड सहित समस्त अधिवक्ता एवं न्यायालयीन कर्मचारी उपस्थित रहे। लोक अदालत को सफल बनाने में सभी का सहयोग रहा।
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