इंदौर में कड़ाके की ठंड में सड़क पर डटे स्टूडेंट्सः नेता प्रतिपक्ष बोले- इनकी मांगें जायज, सीएम जल्द
फ़ास्ट न्यूज़ जनता की आवाज़ संपादक सज्जाद खान

इंदौर में कड़ाके की ठंड में सड़क पर डटे स्टूडेंट्सः नेता प्रतिपक्ष बोले- इनकी मांगें जायज, सीएम जल्द निर्णय लें; मौके पर एडीएम से की बात।
इंदौर एमपीपीएससी अभ्यर्थियों का प्रदर्शनः चौथा दिन

इंदौर में प्रदर्शन कर रहे एमपीपीएसी के अभ्यर्थियों को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने समर्थन दिया और सरकार से इनकी मांग पूरी करने की मांग की।*

इंदौर में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) के अभ्यर्थियों का प्रदर्शन शनिवार को लगातार चौथे दिन भी जारी है। करीब 2 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स कड़ाके की ठंड के बीच एमपीपीएससी के दफ्तर के सामने डटे हैं। शनिवार रात में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी यहां पहुंचे। उन्होंने स्टूडेंट्स की मांगों को जायज बताया और सरकार से इन्हें जल्द पूरा करने की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष ने मौके पर एडीएम रोशन राय से भी बात की। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स की मांगों को लेकर आपको सरकार से बात करनी चाहिए।
सिंघार ने आमरण अनशन पर बैठे दो अभ्यर्थियों से भी मुलाकात की और उनकी बात सुनी। बता दें कि गुरुवार रात से आमरण अनशन पर बैठे अरविंद सिंह भदौरिया की हालत शनिवार को बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। जिसके बाद उन्हें ड्रीप चढ़ाई गई। अरविंद के साथ स्टूडेंट लीडर राधे जाट भी आमरण अनशन पर हैं।
*स्टूडेंट्स की मांगे वाजिब, सीएम को बात करनी चाहिए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि*
” इनकी मांग वाजिब है। पिछले कुछ दिनों से धरने पर बैठे हैं, कुछ अनशन पर बैठे हैं। मध्यप्रदेश सरकार को, सीएम को इनसे बात करना चाहिए। क्या परेशानी है इन्हें कॉपी दिखाने में। क्यों नहीं दिखाना चाहते सरकार बताए। प्रश्न गलत क्यों देते हैं। पारदर्शिता होना चाहिए। जिस प्रकार से इंटरव्यू में गड़बड़िया हो रही हैं, इसे तत्काल बंद कराए, नहीं तो अलगे सत्र में सदन नहीं चलने देंगे।
सिंघार ने कहा- मैंने यहां एडीएम रोशन जी को भी कहा है कि तत्काल यहां पर एंबुलेंस और डॉक्टर की व्यवस्था करें। कल से कुछ कैजुअल्टी होता है तो सरकार की जवाबदारी रहेगी। कलेक्टर और एडीएम से भी बात हुई है। मैं समझता हूं कि आज ही निराकरण होगा, नहीं तो धरना चालू रहेगा।
इससे पहले शनिवार को ही रतलाम के सैलाना से भारतीय आदिवासी पार्टी के विधायक कमलेश्वर डोडियार और धार के मनावर से विधायक डॉ. हिरालाल अलावा भी छात्रों की मांगों के समर्थन में यहां पहुंचे थे।
*स्टूडेंट्स बोले- हमसे बात करने कोई नहीं आया*
ये प्रदर्शन नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन (NEYU) के नेतृत्व में हो रहा है। यूनियन सदस्य रणजीत किसानबंशी ने कहा “आज दिनभर न तो प्रशासन का कोई व्यक्ति और न ही आयोग का कोई प्रतिनिधि बातचीत करने को तैयार हुआ। हम चाहते थे कि कोई बातचीत करे। इससे पहले तीन दिन तक बातचीत हुई, लेकिन वह बेनतीजा रही। शुक्रवार शाम को भी दो घंटे बातचीत हुई। आयोग और प्रशासन के अधिकारी मानते हैं कि हमारी मांगे जायज हैं, लेकिन जब बात सचिव तक पहुंची, तो उन्होंने हमारी मांगें मानने से इंकार कर दिया।”
आंदोलन को खत्म करने की हो रही कोशिश*
रणजीत किसानबंशी ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार बलपूर्वक इस आंदोलन को खत्म करना चाहती है। प्रशासन इसमें षड्यंत्र कर रहा है। अशांति फैलाने के लिए साजिश रची जा रही है। कुछ ऐसे लोग आ रहे हैं, जिन्हें हम नहीं जानते और वे अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन हमारा शांतिपूर्ण आंदोलन जारी है। आज दंडवत यात्रा निकलने वाली थी, जिसे कैंसिल कर दिया गया। अब इसे कल निकाला जाएगा।



